हेमकुंड साहिब पैदल यात्रा में उमड़ा भाईचारे का संदेश, उत्तराखंड में मिले स्नेह से गदगद हुए सिख श्रद्धालु

हेमकुंड साहिब पैदल यात्रा में उमड़ा भाईचारे का संदेश, उत्तराखंड में मिले स्नेह से गदगद हुए सिख श्रद्धालु

A message of brotherhood resonated during

A message of brotherhood resonated during

गोपेश्वर (चमोली)। A message of brotherhood resonated during, विश्व शांति, आपसी भाईचारे एवं सर्वजन कल्याण का संदेश लेकर श्री हेमकुंड साहिब पैदल यात्रा सोसाइटी, बटाला (पंजाब) की ओर से आयोजित 32वीं महान पैदल यात्रा में शामिल सिख तीर्थयात्री उतराखंड में स्थानीय लोगों से मिल रहे प्यार व सहयोग से खुश हैं।

यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का कहना है कि वे कर्णप्रयाग व नगरासू में रात्रि विश्राम कर चुके हैं। देवभूमि में हर मोड़ पर अगाध प्यार मिल रहा है। श्रद्धालुओं ने अपील की कि अफवाहें पूरी तरह बेबुनियाद हैं।

दो जून को पंजाब के डेरा बाबा नानक (गुरदासपुर) से शुरू हुई पैदल यात्रा दो जुलाई को श्री हेमकुंड साहिब पहुंचनी है। चमोली पहुंच चुके 90 श्रद्धालुओं के इस जत्थे में महिलाएं, बच्चे एवं बुजुर्ग भी शामिल हैं।

प्रतिदिन लगभग 35 से 40 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए श्रद्धालु श्रद्धा, सेवा और भाईचारे का संदेश दे रहे हैं। यात्रा में शामिल श्रद्धालु हरपाल सिंह ने बताया कि वह नगरासू व कर्णप्रयाग क्षेत्र से सकुशल गुजरे हैं, लेकिन इंटरनेट मीडिया पर भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि उनका रात्रि विश्राम भी कर्णप्रयाग व नगरासू में ही हुआ, जहां उन्हें स्थानीय लोगों से भरपूर सहयोग, सम्मान और अपनापन मिला।

जत्थे में शामिल जत्थेदार बलजिंदर सिंह कहते हैं कि कुछ दिनों से इंटरनेट मीडिया पर संगत में डर का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन यहां पहुंचने पर हमने पाया कि वास्तविकता बिल्कुल अलग है।

यहां का माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण है। गढ़वाली लोग और हम सभी भाई-भाई हैं। स्थानीय लोगों ने हमारा बहुत सम्मान किया और हरसंभव सहयोग दिया।

यात्रा में शामिल अन्य श्रद्धालुओं ने भी देशभर की संगत से अपील करते हुए कहा कि वे अपुष्ट एवं भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा निश्चिंत होकर हेमकुंड साहिब, बदरीनाथ धाम एवं केदारनाथ धाम की यात्रा पर आएं। कहा कि यहां की संस्कृति सदैव अतिथि देवो भवः की रही है।